फिटनेस का मतलब स्वस्थ रहना और अपने शरीर के प्रति अच्छा महसूस करना है। मैं सबसे फिट व्यक्ति नहीं हूँ, लेकिन मैं सही रास्ते पर बने रहने और लगातार नई चीजें सीखने की कोशिश करता हूँ। इस पोस्ट पर आपको स्वास्थ्य टिप्स, लोकप्रिय उत्पादों की समीक्षा, झटपट बनने वाली सेहतमंद रेसिपी, वर्कआउट टिप्स, प्रेरक पोस्ट मिलेंगे ।

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03 सितंबर 2026

ये 5 चीजें खाओ, हिमाोग्लोबिन कभी कम नहीं होगा (Natural Iron Rich Foods)

दोस्तों अक्सर जब लोग मिलते हैं तो कहते हैं की हम कुछ भी कर लेन लेकिन शरीर में हमेशा एक थकान सी महसूस होती रहती है। वो कहते हैं की हम तो खूब खाते हैं, रात को निंद भी पुरी लेते हैं लेकिन फिर भी थोड़ा सा चलने फिरने से ही थकन होने लगती है। सांस फूलने लगती है, धड़कन ऊपर की तरफ जाती है। कभी-कभी तो चक्कर भी आ जाता है। जैसे बहुत देर से बैठे हैं और एकदम से जब खड़े हुऎ, तो आंखों के ऊपर अंधेरा छा जाता है। कहीं आपको भी इस तरह के लक्षण तो नहीं आते? अगर हाँ, तो संभावना हैं की आपके शरीर में भी खून की कमी हो। खून की कमी जिसे एनिमिया भी कहते हैं। इस में रेड ब्लड सेल्स और हिमोग्लोबिन की मात्रा नॉरमल से कम हो जाती है।

नॉरमल हिमोग्लोबिन की मात्रा पुरुष में 14-17 मानी जाती है और महिला में यही 12-15 मानी जाती है। लेकिन अगर हिमोग्लोबिन कम हो जाए, तो शरीर में कमजोरी के लक्षण आने लगते है। थोडा सा मेहनत करने के बाद थकान हो जाती है। गर्मियों में थोडासा धूप में निकलने से ही सर दर्द होने लगता है। सर्दीयों में इन्ही लोगों के हात-पैर थंडे रहते है। अब हिमोग्लोबिन कम होने से कमजोरी इसलिए महसूस होती है। क्योंकि हिमोग्लोबिन का मुख्य कार्य ही है शरीर के अलग-अलग अंगों को ऑक्सिजन पहुंचाना। अब अगर ऑक्सिजन ही ठीक से नहीं पहुंचेगी, तो शरीर के अंग अपना काम ठीक से नहीं कर पाएंगे। जिससे पुरे शरीर में कमजोरी आने लगती है। खून की कमी हो जाए, तो चेहरे पे भी वह चमक नहीं दिखती। चेहरा बेजान सा पिला सा पड ने लगता है क्यों? क्योंकि ऑक्सिजन नहीं पहुंच पा रही। असल में डॉक्टर तो चेहरे को देखकर ही बता देते हैं की खून की कमी हो सकती है।
खून की कमी होने के कुछ कारण है। आप देखना आपका क्या कारण है। पहला ये की हम खा पी तो रहे हैं लेकिन हमारी आहार में आयरन की कमी है। जो लोग हरी पत्तेदार सब्जियों को देखकर नाक सिकुड़ते हैं। उन में खून की कमी होने के संभावनाएं होते है। वह इसलिए क्योंकि आयरन ही वो पोषण है। जो हिमोग्लोबिन की उत्पादन में मदत करता है। बहुत लोग हरी पत्तेदार सब्जियां तो खाते है लेकिन खाने के बाद एक गलती करते है। जिस वजह से उनका आयरन अवशोषण नही हो पाता। वह गलती है खाने के तुरंत बाद चाय या कॅाफी पीना। अब मैं यह नहीं कह रहा की चाय ना पियों, ठीक है पी लो। लेकिन खाने के तुरंत बाद नही, खाने के दो घंटे बाद चाय पीओ। कुछ लोगों को पाइल्स की दिक्कत रहती है या कुछ महिला को पिरियड्स में ओवर ब्लीडिंग होती है। ये समझ लो की जब जब शरीरी से रक्तस्राव नॉरमल से ज्यादा होगा तब तक खून की कमी हो सकती है। फिर दीर्घकालीन रोग विशेष रूप से ऑटोइम्यून डिसिजेस। जैसे की अर्थरायटीस, डायाबिटिस, आयबीएस या किडनी डिसिज। जहां शरीर में सूजन हो। उस से भी खून की कमी हो जाती है। लेकिन घबराने की जरूरत नही। खून की कमी कुछ ही दिनों में ठीक हो सकती है। अगर आहार, भोजन पर ध्यान दिया जाए। वैसे तो दैनिक जीवन में जो हम दालें, हरी पत्तेदार सब्जियां, अनाज ये सब खाते हैं, इनसे खून बढ़ता ही है। लेकिन आज इस पोस्ट में मैं आपसे शेयर करना चाहता हूं पांच फुड्स। जो खून की कमी को बहुत जल्दी पुरा करते हैं। मतलब अगर आप इन पांच चीजों को अपनी आहार में सामिल कर लेन, तो आपके शरीर में खून की कमी रह ही नहीं सकती। अब जाहिर है की अगर खून की कमी नहीं होगी, तो ऑक्सिजन का बहाव अच्छे से होगा। जिससे फिर जो भी कमजोरी के लक्षण आ रहे हैं वो भी अपने आप ही कम होने लगेंगे। बहूत ही आपके काम की होने वाली है यह पोस्ट।

नमस्कार दोस्तों स्वागत है स्वदेशी माहिती ब्लॅाग में। आइए उन पाँच खाद्य पदार्थों(फुड्स) के बारे में जानकारी प्राप्त करें।

5.आम (MANGO):

          सबसे पहला फूड जो खून की कमी को बहुत जल्दी पुरा करता है और आजकल इसका सीजन भी है। वो है आम। पुरा अच्छे से पका हुआ आम। जिसके आगे मिठाइयां भी फैल है। वो ना सिर्फ टेस्टी होता है बलकी यह खून की कमी को भी बहुत जल्दी पुरा करता है। इसका कारण है आम में बहुत ज्यादा मात्रा में विटामिन सी और फॉलिक एसिड का होना। यही नहीं आम में पोटेसीयम, बी विटामिनस और ढेर सारा फायबर होता है। जिस वजह से यह पेट के लिए भी बहुत ही अच्छा फल है। आयुर्वेद में लिखा है की एक पुरा अच्छे से पका हुआ, मीठा और रसिला आम इतना पौष्टिक है की सप्तम धातुओं को ऊर्जा प्रदान करता है। जिससे तुरंत एनर्जी मिलती है।
आम शरीर में गर्मी तो करता है। लेकिन अगर आप तीन बातों का ध्यान देन, तो आम बिलकुल गर्मी नहीं करेगा। पहला तो यह की एक बार में उतना ही आम खाएं जितना आप आसानी से पचा सके। बहुत बार टेस्ट टेस्ट के चक्कर में हम एक बार में ही कई आम खा जाते हैं। जिससे फिर कई बार पेट भी खराब हो जाता है। दुसरा आम को जब भी लेकर आए सबसे पहले उन्हें दो-तीन घंटे के लिए पानी में भिगो कर रख दे। पानी में भिगो ने से उनकी गर्मी निकल जाती है। तिसरा आम खाने के बाद थोडीसी कच्ची लस्सी पी ले। इस से भी आप गर्मी नही करेगा। कच्ची लस्सी भारत में कही जगह पी जाती है। बनानी भी बहुत आसान है। एक ग्लास में बहुत थोडासा मतलब आधे से भी बहूत कम दूध डाल दे, बाकी पानी मिलाकर ग्लास भर ले। इसे आम खाने के बाद भी टेस्ट में पानी जैसी ही लगती है लेकिन इसे पीने से आम बिलकुल भी गर्म नहीं करता। असल में मुझे तो आम इतना पसंद है की सीजन में मैं तो एक दिन का एक खाना छोड करके चार-पांच आम खा जाता हूं और ऊपर से कच्ची लस्सी भी लेता हूं। बहुत सही लगता है। खैर आम तो ऐसा फल है। जिसे आप खाना खाने के बाद भी खा सकते हैं। दोस्तों आपने सुना होगा की फल हमेशा खाली पेट खाने चाहिए, बात सही भी है। लेकिन बहुत कम ही ऐसे फल होते हैं। जो खाने के बाद ही स्विट डिश के रूप में खाया जा सकते है। आम उन्हीं में से एक है। तो इस सीजन आम दबा के खाओ और खून की कमी की छुट्टी करो। डायबिटिस वाले भी आम खा सकते हैं। क्योंकि इस में विटामिन सी बहुत होता है, फायबर है, एंटीऑक्सिडेंट है। जिससे ब्लड सुगर स्थिर रहती है। कुद्रत का तोहफा है आम इसे जरूर खाएं।

4.किशमिश (RAISINS):

          बात करते है दुसरे फुड की जो ना सिर्फ खून की कमी को बहुत जल्दी पुरा करता है, बलकी सारा साल आसानी से उपलब्ध रहता है। वह है किशमिश। अंगुरो को जब सुखा देते है, तो उसे ही किशमिश कहते है। लेकिन सुखाने के प्रक्रिया में यह किशमिश अंगुरों से भी ज्यादा ताकतवर हो जाता है। किशमिश में आयरन अच्छा खासा होता है। जिस वजह से खून बढाने के लिए बेहतरीन फल है। कुछ दिन लगातार किशमिश खा लो। आपका ब्लड काउंट बढ आएगा। अगर आप चाहते हो की किशमिश का आपको पुरा फायदा मिले, तो इसे सुखी ना खाओ। तीन तरीके हैं जिससे आपको किशमिश का सबसे ज्यादा फायदा होगा। पहला आसान है। एक मुठ्ठी किशमिश को धो कर आधे-पौने ग्लास पानी में भीगो दो। चार-छह घंटे भीगे रहने दो। जिससे किशमिश फूल जाए और पानी मीठा हो जाए। तब पानी भी पी लो और चम्मच से किशमिश भी खा लो। ये एक बढ़िया नाश्ते का विकल्प है।
मुठ्ठी भर किशमिश खाने के बाद अगर लगे की यह आपके पचने में दिक्कत तो नही करेगा? किशमिश पाचन हूआ या नहीं इसका पैरामीटर आयुर्वेदाचार्य यूरीन से लगाते हैं। अगर किशमिश खाने के बाद आपको लगातर बहुत येलो यूरीन आ रहा है, तो इसका मतलब किशमिश ठीक से पाचन नहीं हुई और आपको किशमिश की मात्रा कम करने की जरूरत है। दुसरा आप किशमिश को दूध के साथ भी खा सकते हो। एक पॅन में एक ग्लास दूध डालें और 10-12 दाने किशमिश के डालकर दूध को उबाल लेन। ये दूध पीए। दूध और किशमिश का मिश्रण बहुत जल्दी हिमोग्लोबिन बढ़ाता है। तीसरा तरीका है किशमिश को खाने का दही के साथ। घर में जब दही जमाते है, तो गुनगुने दूध में थोडासा खट्टा डाल के रख देते है और कुछ घंटे में ही ताजा दही घर पे जम जाता है। ऐसे में आप 10-12 दाने किशमिश के भी साथ में ही डाल दो। फिर जो दही जमेगी वो प्रोबायोटिक और प्रीबायोटिक बैक्टेरिया से भरपुर। जिसको खाने से आपके शरीर में विटामिन बी टुवेल बढेगा। अक्सर जब खून की कमी का कोई कारण समझ नही आता, तो आखिर डॅक्टर भी बी टुवेल के कैप्सुल ही देते है। बी टुवेल वो पोषण तत्व है, जो आपके शरीर में मौजूद अच्छे बैक्टेरिया को खुद बनाते है। अगर उन्हें फायबर मिले। दही में अच्छे बैक्टेरिया तो होता ही है। साथ में किशमिश में है फायबर और मिठास। जो अच्छे बैक्टेरिया को ओर भी तेजी से बढा देते है। किशमिश वाली यह दही आप सुबह नाश्ता करने से पहले खाओ। तब सबसे ज्यादा फायदा करेगा। अगर आप दुकान से दही ले के आते हो, तो एक कटोरी दही में 10-12 किशमिश के दाने डुबो के एक-दो घंटे के लिए रख दो फिर खाओ। मार्केट में दो तरह की किशमिश आती है। काली और हरी किशमिश दोनों ही हेल्दी हैं। आपको जो ज्यादा पसंद हो वो वाली लो। काली किशमिश में एंटीऑक्सिडेंटस थोड़े ज्यादा होते हैं। लेकिन दोनों ही खून बढ़ाने में बहुत फायदेमंद है। मोटी मोटी बात ये है की अगर आप रोज किशमिश खाओगे, तो आपका खून बहुत जल्दी बढ़ेगा और शरीर में ताकत महसूस होगी।

3.चुकंदर (BEETROOT):

          दोस्तों खून बढ़ने के लिए यह फूड इतना जबरदस्त है की इसके आगे बाकी फूड्स ही नहीं बलकी महंगे सप्लिमेंट्स भी फैल है। चुकंदर में एक खास चीज है जिस वजह से इतना जबरदस्त है और वह है नाइट्रेट्स। जब हम चुकंदर खाते है, तो इस में मौजूद नाइट्रेट्स शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड में बदल जाते हैं। जो नसों को खोलते हैं। अब नसें खुलेंगी, तो रक्त प्रवाह आराम से होगा। खून बहना नसों में आराम से होगा, तो ऑक्सिजन आराम से पहुंचेगी। यही कारण है की चुकंदर खाने से जल्दी थकान नहीं होती। अमेरिका में नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन रिसर्च में प्रोफेशनल साइकिलिंग एथलीट पे स्टडीज हुई है और ये देखा गया की सिर्फ एक बार चुकंदर जूस पीने से उनकी शरीर में 20% तक ऑक्सिजन उपयोग करने की क्षमता बढ जाती है। यही कारण है की मजबुती, स्टैमिना और सहनशीलता-धैर्य को बढ़ने के लिए चुकंदर को बेहतरीन फूड माना जाता है। चुकंदर खाने से क्योंकि नसें खुलती हैं। इसलिए हाई बीपी भी प्राकृतिक रुप से नीचे आने लगता है। कुछ दिन लगातार चुकंदर खालो। खून की कमी क्या आपका चेहरा तक लाल हो जाएगा।
अब चुकंदर को खाने के लिए या तो आप चुकंदर को कच्चे सलाद के रूप खा सकते है। चुकंदर, गाजर और आंवला डालकर जूस बनाकर पी सकते है। वह भी बहुत सही तरीका है। हिमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए बहुत फायदा होगा। अपने उत्तर भारत में तो चुकंदर को कच्चा ही खाते हैं। लेकिन दक्षिण भारत में वहा के लोग चुकंदर की सब्जी बहुत बना कर खाते है। आप भी ट्राई कर सकते हैं। फिर जैसे कभी मैं बेसन का चिल्ला बनता हूं, तो उसमें कई बार चुकंदर को मिलाकर डाल देता हूं। चुकंदर का पुलाव भी बन जाता है। चुकंदर का रायता भी बन जाता है। थोड़े से चुकंदर को रोटी के आटें में भी गूंथ कर रोटी बना सकते हैं। खास तौर पर कोशिश करनी है की किसी तरीके से चुकंदर को रोज के आहार में सामिल किया जाए। हफ्ते में अगर एक-दो बार भी चुकंदर को खातें रहे, तो आपको कभी भी खून की कमी नही आएगी। बलकी शरीर में चुस्ती रहेगी और त्वचा में चमक आएगी।

2.आलूबुखारा (PLUM):

          यह फल गर्मी और बरसात दोनों ही मौसम में मिलता है। बहुत लोग नहीं जानते की आलूबुखारा खाने से बहुत जल्दी हिमोग्लोबिन बढता है। वह इसलिए क्योंकि आलूबुखारे में वो सब कुछ है। जो खून बढ़ने के लिए चाहिए, आयरन, विटामिन सी, फोलिक एसिड। आलूबुखारा खून तो बढ़ाता ही है साथ में। क्योंकी यह बहुत ठंडा होता है, तो शरीर में अतिरिक्त गर्मी को भी कम करता है। इसलिए अगर आपको बहुत गर्मी लगती है, बहुत पसीना आता है, एसिडिटी होती है, हाथ पैर या आँखें जलती हैं, या चेहरे पर काले दाग हो रहे हैं, तो आपको आलूबुखारा जरूर खाना चाहिए। सुखे हुऎ आलूबुखारे को ही प्रोंस कहते हैं। अभी तो सीजन है। इसलिए ताजे आलू बुखारा ही खाओ। आलू बुखारे का रंग जितना काला होता है उतना ही पक्का हुआ और मीठा होता है। जो लाल से आलूबुखारे होते है वो अभी कच्चे होते है। इसलिए थोड़े खट्टे भी लगते हैं। जैसे आम का पन्ना होता है। वैसे आलू बुखारा का पन्ना भी पिया जाता है। खट्टा मीठा सा होता है, बहुत अच्छा लगता है। जैसे भी आपको पसंद हो। इस गर्मी आलू बुखारा जरूर खाओ और ना सिर्फ अपना खून बढ़ाओ। बलकी अपना खून ठंडा भी रखो।

1.अनार (POMEGRANATE):

          यह फल सिर्फ खून की कमी को ही पुरा नही करता है। बलकी त्वचा का कोलेजन भी बहुत तेजी से बढ़ाता है। पहले के लोग कहते थे की जब भी किसी बीमार बंदे से मिलने हॉस्पिटल जाओ, तो उसके लिए अनार जरूर ले के जाना। वह इसलिए क्योंकि जब भी कोई बीमार होता है, तो उसकी शरीर में कमजोरी आ जाती है और अनार कमजोरी को दूर करने की प्राकृतिक इलाज है। किसी भी तरह की कमजोरी हो जैसे पाइल्स की वजह से कमजोरी हो, महिला को पिरियडस में ओवर ब्लीडिंग की वजह से कमजोरी हो या कोई और कारण हो। तब फालतू के एनर्जी ड्रिंक्स ना पीएं, अनार खाएं। अनार के दाने निकालने में भले ही थोड़ी सी मेहनत हो। लेकिन ये मेहनत करना लायक है। क्योंकि इस फल के फायदों की सूची बड़ी लंबी है। फिर चाहे किडनी में स्टोनस हो, पेट की समस्या हो या त्वचा में कोलेजन ही बढ़ाना हो। अनार के बहुत सारे फायदे है। अनार में प्राकृतिक रुप से काफी मात्रा में आयरन, विटामिन सी, फोलेट और कुछ खास एंटीऑक्सिडेंटस होते हैं। जो खून को बहुत तेजी से बढ़ाते हैं।
अमेरिका ऑफ नेशनल लाइब्रेरी मेडिसिन के स्टडीज के हिसाब से अनार खाने से मसल्स में ऑक्सिजन का प्रवाह बढ़ जाता है। जिस वजह से लंबे समय तक थकान नही होती। लेकिन ये बात अनार के जूस के लिए क्यों नहीं। वह शायद इसलिए क्योंकि अनार के ज्यादा फायदे उनके बीज में ही होते है। जब हम अनार का जूस निकालते है, तो फायबर के साथ-साथ विटामिन सी और बहुत से वोलाटाइल ऑइल कम हो जाते है। जिस वजह से पुरा फायदा नहीं मिलता। इसलिए अनार के दाने ही खाएं। जूस पीना बंद कर दे। एक डब्बे में अनार के दाने निकाल के आप ऑफिस ले जा सकते है और शाम को चार-पाच बजे जब भूक लगे, तो आप खा सकते है। बहुत ही पोषक तत्व से भरा हूआ नाश्ते का विकल्प है। आजकल अनार का मौसम भी है। सौ रुपये किलो मिल रहा है। कुछ दिन लगातार इसका फायदा लो।

तो दोस्तों आम, किशमिश, चुकंदर, आलूबुखारा और अनार यह पांच फूड्स खून बनाने की ए-आय मशीन है। अब आप चाहे तो इन पांचों फूड्स को अपनी आहार में सामिल कर सकते है। वैसे कोई जरूरी भी नहीं है। इनमें से कोई एक चीज भी अगर आप लगातार 15 दिन खा लेन, तो आपके शरीर में हिमोग्लोबिन बढेगा ही। इसका असर ये होगा की पहले से ज्यादा एनर्जी रहेगी और चेहरा चमक उठेगा। दोस्तों यह पोस्ट अच्छी लगी हो, तो हमारे स्वदेशी माहिती ब्लॅाग पेज को फोलो जरूर करे। शुक्रिया।

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