चरण 1 (STEP 1)
काढ़ा बनाए (MAKE A DECOCTION):
सुबह उठकर थोड़ा गरम पानी पी कर जब आप फ्रेश हो जाए तब आपको बनाना है, एक आयुर्वेदिक काढा। जितना यह बनाना आसान है उतना ही असरदार भी है, साइनस या कफ संबंधित समस्या से राहत पाने के लिए। गॅस पे एक पॅन चढ़ा ले, इस में एक गिलास पानी डाल दे(300ml), अब इस में थोड़ा सा अदरक(small five pieces), एक-चौथाई चम्मच हल्दी, चार -पाच ताजी पिसी काली मिर्च, थोड़ा सा गिलोय जूस और सात से आठ तुलसी के पत्ते मिक्स कर दे और ढक्कन से ढक दे। इसे अच्छे से तब तक उबाले जब तक की पानी एक-चौथाई ना रह जाए। ढकने का कारण यही है की जो उबाल ने से औषधीय धुआँ बनेगा वह पॅन के अंदर ही रहे क्योंकि इसे धीमी आंच पर 15 से 20 मिनट लगेंगे। आप इतने में तैयार हो सकते हैं जितनी आप तयार होंगे आपकी यह असरदार नुस्खा भी तयार हो जायेगा। गॅस बंद कर दे और इसे कांच के ग्लास में छान ले जब थोड़ा सा ठंडा हो जाए इस में एक चम्मच शहद और आधा निंबू निचोड़ दे। अब यह जो काढा बना है यह किसी भी ओर दवाई से ज्यादा कारगर है। एंटी वायरल और एंटी-माइक्रोबियल जड़ी-बूटियाँ का सौ प्रतिशत शुद्ध ये बहार की उन महंगे एंटीबायोटिक दवाओं से कहीं गुणा बेहतर है जो समस्याओं को जड़ से ठीक नहीं कर पाते। अब अगर आप चाहते हो की यह काढा आपको पुरा फायदा दे तो इसे तसल्ली से धीरे-धीरे पीए। गले में गर्मी पहुंचाती उन जड़ी-बूटियाँ(herbs) को महसूस करें और हां इसे पीने के बाद कम से कम 45 मिनट तक कुछ ना खाएं। इसे आपके शरीर के अंदर काम करने दे।चरण 2 (STEP 2)
10-15 मिनट के लिए भाप ले (STEAM FOR 10-15 MINS.):
भाप लेना एक तुरंत तरीका है बंद नाक और खांसी जुकाम जैसी समस्याएं में आराम पाने के लिए। एक स्टीमर खरीद ले नहीं तो आप पॅन में भी पानी उबाल सकते हैं। एक आरामदायक कुर्सी पर बैठ जाए, मुंह को टॉवेल से ढक ले ताकी भाप बहार ना निकले। फिर लंबी गहरी सांस खींचे और धीरे से छोड़े गरम श्वास जब अंदर जाए तो महसूस करें की अंदर जमा कफ पिघल रहा है। इस तरह से दो-तीन मिनट भाप ले और फिर मुंह ढकते हुऎ 10 से 15 सेकंड के लिए आराम करें। फिर भाप ले इस तरह से कम से कम 10 मिनट के लिए तो जरुर भाप ले। भाप लेने से रक्तसंचार(blood circulation) बढ़ेगा,अंदर गर्मी आएगी, विषैले पदार्थ बहार निकलेंगे, तुरंत ही आपको आराम महसूस होगा। भाप लेना बहुत आसान है बस आपको कुछ सावधानियां बरतनी है। पहला तो यह की भाप लेते हुए अपनी आंखों को हाथों से ढक ले, गरम भाप अगर खुली आंखों पे लगातार पड़े तो उन्हें ख़राब कर सकती हैं। दुसरा यह की कमरे का पंखा बंद हो और तीसरा यह की भाप लेने के तुरंत बाद टॉवेल ना हटाए। इस से ठंड लग सकती है, दो मिनट इंतज़ार करें चेहरे का तापमान सामान्य हो जाए, फिर टॉवेल उतार दे। इस चरण के बाद आप नाश्ता कर सकते हैं। नाश्ते में भी अगर आप मुझ से पूछे की क्या अच्छा रहेगा तो मैं यही कहूंगा की आप बेसन का चिल्ला खाएं पुदीने की चटनी के साथ या फिर किसी सब्जी के साथ भी खा सकते हैं। तो सुबह-सुबह ही आपने काफी कुछ कर लिया है जिससे आपको सर्दी में बहुत आराम मिलेगा।डिनर के लिए सबसे अच्छा क्या खाए?
अब रात को खाने मे आपको सलाह देना चाहूंगा की आप बेसन का शिरा पिए। बेसन का शिरा हमारी दादी और नानी यो का सर्दी भगाने का सबसे टेस्टी नुस्खा है। एक पॅन लोव हीट पे रखे और उस मे आधा बडा चम्मच घी का डाल दे,अब इस मे देड बडे चम्मच बेसन डाल दे और दो-तीन मिनट उनको चम्मच से हिलाते रहे। अब इस मे चार-पाच बादाम डाले और तीन-चार मिनट चम्मच चलाए। इतना की बेसन अच्छे से भून जाए,रंग बदल जाए और एक बढिया सी खुसबू आने लगे। अब इसमे बडा ग्लास गरम दूध (300ml)और एक बडा चम्मच गूड का पावडर डाल दे,थोडीसी काली मिर्च डाल दे और दो मिनट उबाले बस्स ! आपका बेसन शिरा तयार है। बेसन गरम होता है और काली मिर्च, बादाम वगैरा डालकर दूध मे बनाने से ये जल्दी असर करता है। एक ग्लास पी ले तो गरमी आ जाएगी। बाकी आप डिनर मे नही तो शाम को भी पी सकते है। सर्दी जुकाम एक अच्छा टाइम है इसे पीने का जरुर ट्राय करे।
चरण 3 (STEP 3)
अमृतधारा से मालिश करें(MASSAGE WITH AMRITDHARA):
जब आप सोने की तैयारी कर रहे हो तब आपको स्टेप नंबर तीन करना है जिसमें लगानी है अमृतधारा। अमृतधारा ऑयल की तरह होती है जिसमें पुदीना, कापूर, अजवाइन, लौंग का तेल, लोह भस्म और नीलगिरी का तेल का मिश्रण होता है। अमृतधारा एक पुराना विधि है जो सर्दी, जुकाम, गला खराबी और छाती से संबंधित समस्याओ के लिए बहुत कारगर है। आपको बस दो से तीन ड्रॉप लेने हैं और नाक, गले और छाती के बहार लगा ले। काफी मजबूत होती है इसलिए आँखो से बचा कर रखे। विक्स वेपोरब से कही बेहतर है, जहां विक्स वेपोरब मे पेट्रोलियम प्रोडक्टस और आर्टिफिशियल खुशबू है। अमृतधारा सौ प्रतिशत प्राकृतिक है। अमृतधारा के बाद आप एक बार फिर से थोडी देर के लिए भाप ले ले असर बढाने के लिए आप पानी मे अमृतधारा के एक-दो ड्रॅाप डाल सकते है। तरीका वही है इस से आप को नींद भी अच्छी आएगी।तो दोस्तों यह था तीन चरण आयुर्वेदिक दिनचर्या सर्दी जुकाम को प्राकृतिक तरीके से जड़ से ठीक करने के लिए इस दिनचर्या को अगर आप अनुसरण करेंगे तो मैं अपने खुद के अनुभव से कह सकता हूं की बुखार से तो बच ही जाएंगे बलकी बहुत जल्दी ही बिलकुल ठीक भी हो जाएंगे। इस आयुर्वेदिक दिनचर्या में जो भी प्रोडक्टस उपयोग हुऎ हैं मैने उनका लिंक नीचे (scroll pls.)दे दिया है। दोस्तों अगर आपको यह पोस्ट मदतगार लगी तो कृपया स्वदेशी माहिती ब्लॅाग को जरूर फॅालो करे और एक कम्मेंट जरूर करे दोस्तो शुक्रिया ।
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