1.महानारायण तेल (MAHANARAYAN OIL):
आपके गर्दन में दर्द, बैक पेन रहता है, घुटनों में दर्द रहता है या शरीर में किसी भी जगह पे पेन होता है, तो यह महानारायण तेल आपके पास जरूर होना चाहिए। दोस्तो यह पारंपरिक फोर्मूलेशन है। इस तेल में इस्तेमाल होने वाले जडी-बुटियाँ और इस को बनाने की पुरी विधि आयुर्वेद के भैषज्यरत्नावली ग्रंथ में दी गयी है। दोस्तों आयुर्वेद में कई तेलों की फोर्मूलेशन का वर्णन है। लेकिन महानारायण तेल खास बॅाडी पेन के लिए है। आपको यह बात शायद जानकर हैरानी होगी की सिर्फ इस तेल को बनाने के लिए 58 जडी-बुटियाँ का इस्तेमाल किया जाता है। बिल्वा, अश्वगंधा, गोखरू, बाला, हरिद्रा जैसे एंटी इंफ्लामेटरी जडी-बुटियाँ को तिल के तेल, बकरी के दूध और शतावरी के जूस में पकाकर बनाया जाता है। जो ज्वाइंट एरिया में भीतर तक घुस के असर दिखाता है। 200ml की बोतल ₹250 के आसपास पड़ती है। बहूत सारी आयुर्वेदिक कंपनिया बनाती है। आपको किसी भी आयुर्वेदीक शॉप पे बड़ी आसनी से मिल जाएगा। जॅाइंट पेन है तो यह तेल आपके पास होना ही चाहिए। जब भी आपको टाइम मिले 5 मिनट इस तेल से अपने उस जाइंट पे मालिश कर लेन। मालिश करने के बाद किसी गर्म पट्टी से या किसी कपड़े से उस जगह को बांध ले और कुछ देर ऐसे ही रहने दे। आप सोने से पहले यह काम कर सकते हैं। थोड़ी देर मालिश की और उस जगह को ढक के सो गए। इस तेल के कोई साइड इफेक्ट नहीं है। आप चाहो तो सुबह-शाम दो बार भी मालिश कर सकते हो। लेकिन अगर टाइम की कमी है, तो मैं कहूंगा दिन में एक बार जरूर इस तेल से मालिश करे। इस से आपको बहुत फायदा होगा। वास्तव में इसकी फोर्मूलेशन इतनी शक्तिशाली है। जो लोग इसे रोज लगाने लग जाते है। वह इसके गुण गाते थकते नहीं है। यह तेल हमारे महर्षियों का एक तौफा ही है जॅाइंट पेन के पेशंट्स के लिए। इस तेल को लगाने से आपके जॉइंट्स में इंफ्लामेशन कम होगी और जॉइंट्स की मजबूती बढेगी।2.प्राकृतिक दर्द निवारक (NATURAL PAINKILLER):
दोस्तों जब भी किसी जॅाइंट में पेन उठता है तो नेचरली हम कोई पेन किलर लेना चाहते हैं। जिस के साइड इफेक्ट ना हो। डॉक्टर्स खुद मानते हैं की एलोपैथिक पेन किलरस के साइड इफेक्टस होते हैं। स्टडी से पता चलता है की इन पेन किलरस को जो लोग खाने की आदत बना लेते हैं। उन्हें पाचन संबंधी समस्या, किडनी की समस्या और यहां तक की हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है। लेकिन कभी-कभी जॉइंट्स में इतना पेन होता है की पेन किलर लिए बिना काम नहीं चलता। ऐसे केस में आपके लिए, आयुर्वेद की एक ऐसी नेचुरल पेन किलर है जो खास जॅाइंट पेन के लिए बनी है। यह दो फॉर्मूलेसन का योग है। एक है प्रसारनादी काश्या वटी और दूसरी है योगराज गुगलु। ये दोनों भी पारंपारिक टेबल्स हैं। जो आयुर्वेदिक कंपनियां बनाती हैं। प्रसारनादी काश्या वटी में प्रसारानी, माशा, बाला, रासना और लहसुन जैसे जडी-बुटियाँ का इस्तेमाल होता है। जॉइंट्स में पेन हो, फ्रोजेन सोल्डर हो, लिगामेंट में चोट हो, टेनिस एल्बॅाव हो या मस्कुलर पेन हो प्रसारनादी काश्यावटी ही लेने की सलाह दी जाती है। प्रसारनादी काश्यावटी के साथ अगर योगराज गुगलु ले लिया जाए, ये ओर भी असरदार हो जाती है। योगराज गुगलु में पीप्पली, सोंठ ऐसे 15 वात नाशक जडी-बुटियाँ डाले जाते है। प्रसारनादी वटी की 100 टेबलेट्स का पैक पडता है ₹350-400 तक और योजगराज गुगलु की 100 की टैबलेट्स का पैक पडता है ₹200 तक। दोस्तों मार्केट में पोपुलर पेन किलर सिर्फ पेन सिगनल्स पहुंचाने वाली नरव से कनेक्शन काटती हैं। जिससे आपको पेन का अहसास नहीं होता। लेकिन यह आयुर्वेदिक पेन किलरस वास्तव में जॅाइंट में हुई इंफ्लामेशन को कम करती हैं। आयुर्वेद के अनुसार पेन तभी होता है जब वात दोष असंतुलन हो जाता है। ये टैबलेट्स का मिश्रण वात को संतुलन करता है। मतलब आपकी समस्या को जड़ से ठीक करता है। इन टेबलेट्स को लेने का तरीका यह है की, एक तो जब पेन हो तब इंस्टेंट रिलीफ के लिए ले ही सकते हैं और क्योंकि इन टेबलेट्स के कोई साइड इफेक्टस नहीं तो आप रोज सुबह-शाम दोनों की एक-एक टैबलेट पानी के साथ ले सकते हैं। दो महीने लगातार ले के देख लो। आपको खुद असर दिख जाएगा। वैसे तो मैं पुरी जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं। लेकिन फिर भी आप किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर से इन दवाइयों को दिखाकर भी ले सकते हैं।मेथी दाना जो हर किसी की किचन में होता ही है यह भी जॅाइंट पेन के लिए नेचुरल पेन किलर का काम करता है। बहुत आसान है इस्तेमाल करना। रात को सोने से पहले एक चम्मच साबूत मेथी दाने को थोड़े से पानी में भिगो के रख दो। सुबह फ्रेश होने के बाद मेथी दाना पानी समेट पी लो। मेथी दाना वैसे कड़वे होते हैं। लेकिन पानी में भिगोने के बाद उतने कड़वे नहीं लगते।
बाकी यह भी नहीं कर सकते तो सिंपल गर्म पानी पियो। आप जितना गर्म पानी पीओगे उतना आपके जॅाइंट पेन में आराम रहेगा। घर पे ऑफिस में जब भी मौका मिले, तो थंडे पानी की जगह गरम या गुनगुना पानी पीएं। साधारण सी चीज है पर है असरदार।
3.भोजन और आहार (FOOD AND DIET):
दोस्तों कुछ ऐसी चीजेन होती हैं जिन्हें खाने से जॅाइंट में पेन बढ़ता है और कुछ ऐसी चीजेन होती हैं जिन्हें खाने से पेन में आराम मिलता है। आपको कोशिश करनी है की पेन बढाने वाली चीजों को जितना हो सके, अपनी आहार से कम करें और पेन में आराम वाले फूड्स का जितना हो सके सेवन करें।(i)खट्टी चीजें(SOUR FOODS):
जैसे इमली है। फिर चाहे वाह इमली की चाटनी के रूप में हो, सांभर में इमली डली हो या गोलगप्पे चार्ट में ही क्यों ना हो। इन चीजों को खाने से आपने खुद भी नोटिस किया होगा की पेन बढ़ जाता है। इसका असर इतना तुरंत है की आप सुबह इमली खा लो। दोपहर तक आपका पेन बढ़ जाएगा। जॅाइंट पेन के चलते आपको इमली, कच्चा आम, कड़ी जो की खट्टी लस्सी से बनती है, ऐसी चीजें ना खाएं। हाँ, निंबू चल जाता है, आंवला से कोई दिक्कत नही होती।(ii)थंडी चीजें(COLD ITEMS):
हम जितनी थंडी चीजें खाते है। उतना दर्द बढता है और जितनी गरम चीजें खाते है उतना दर्द कम होता है। तभी तो आप देखो सर्दीयों में जॅाइंट पेन की समस्या बढ जाती है। अब तो एक थंडी चीजें है जैसे फ्रिज का पानी, आइस्क्रिम, थंडी लस्सी, कोल्ड ड्रिंक्स ये तो पीना ही नही है। दूसरी है जो दिखने में हेल्दी लगती हैं। लेकिन तासीर में बहुत ठंडी होती हैं। जैसे कच्चा सलाद जॅाइंट पेन वालों को खासकर डिनर में नहीं खाना चाहिए, ना ही रात को दही, केले या मूली जैसी चीजेन खानी चाहिए। सूरज ढलने के बाद इन चीजों को खाने से जोड़ों में दर्द बढता है। जितना गरम तासीर की चीजेन खाओगे उतना ही आपका जॅाइंट पेन नियंत्रण में रहेगा।(iii)वात बढाने वाली चीजें(VATA INCREASING FOODS):
इनमें खास है राजमा और उरद। ये दो चीजें ऐसी हैं जो शरीर में वात दोष को बढ़ाती है। हां बाकी दालें, काले चने, छोले खाने में कोई दिक्कत नहीं। राजमा और उरद भी अगर खाने ही हो, तो दोपहर को ही खाएं। बाकी जो लोग बची हुई सब्जी फ्रिज में रखते हैं और बाद में गरम करके खाते हैं। इससे भी वात दोष बढ़ता है। जो की जॅाइंट पेन का मूल कारण है।(iv)गेहूं खाना छोडे(AVOID EATING WHEAT):
फिर कुछ और फूड्स भी हैं जिन्हें अवॉइड करने की जरूरत है। इस में पहला है गेहूं। दोस्तों गेहूं को आप जितना नहीं खाओगे, उतना आपका जॅाइंट पेन कम होगा। वास्तव में ग्रीन रिवॉल्यूशन के टाइम पैदावर को बढ़ने के लिए देसी गेहूं के बीज से खुब छेड-छाड की गयी। जिस वजह से यह आधुनिक गेहूं शरीर में इफ्लामेशन ऑटोइमुन डिसिजेस का कारण बनता जा रहा है। मैंने कही बार देखी है की जब कोई जॅाइंट पेन का पेशंट गेहूं छोड के मिलेट्स, जौ, ज्वार और बाजरा पे आ जाता है। तो उसको पहले दिन से ही दर्द में आराम देखने को मिलता है। बाजरा और रागी को रोटी जॅाइंट पेन में दवा की तरह काम करती है।(v)चावल कम करे(REDUCE RICE INTAKE):
चावल क्योंकि ठंडी तासीर के होते हैं। दिन में तो खा सकते हैं। लेकिन जॅाइंट पेन है तो डिनर में चावल ना खाएं। बाकी अगर रात को भी चावल खाना ही है तो उसको बनाते हुऎ, उसमें काली मिर्च, तेज पत्ते जैसे गरम मसाले डाले ताकी दिक्कत ना करे। चावलों की जगह अगर आप मिलेट्स रोज के आहार में सामिल करे, तो जॅाइंट कि समस्या जड से खतम हो जाएगी। दोस्तों मिलेट्स जिन्हें छोटे अनाज भी कहते है। यह कोई नये अनाज नहीं है। बलकी यह तो पारंपरिक अनाज है। स्वांख, जिसे हम व्रत वाले चावल के नाम से जानते है। यह कुछ ओर नहीं बलकी बार्नायाड मिलेट्स ही है। बार्नायाड, लिटल, फोक्सटैल, कोडो और प्रोसो यह पांच मिलेट्स हिलिंग ग्रेन श्रेणी में आते है। आप चावलों की जगह मिलेट्स खाओ तो बहुत फायदा होगा। बनाने के लिए वही पहले भिगो दो, फिर नॉरमल चावलों की तरह ही पानी में उबाल लो। देखो टेस्ट वाइज तो मिललेट्स खाने में आपको कोई दिक्कत नहीं होगी। हां, यह चावल की तरह बहुत खिलेखिले नहीं बनते। लेकिन आपके शरीर को अंदर से जरूर खिला देंगे। बलकी चावल खा के तो बहुत जल्दी भूख लग जाती है। इन्हें खाने से आपका पेट लंबे समय तक भरा रहेगा। बाकी फिर भी मैं यही कहूंगा की गेहूं तो पक्का छोड़ ही दो चावल फिर भी ले सकते हो।एक महीना दूध ना पी कर देखो। आपको फायदा होगा। वास्तव में दूध और दूध से बने पदार्थ वैसे तो जॉइंट में लुब्रिकेशन प्रोवाइड करते हैं। लेकिन आजकल जिस तरह का दूध बिक रहा है। देसी गायों की जगह जरसे गायों से कैसे भी करके बस दूध निकालने की कोमर्शियलायजेशन चल रही है। इस चक्कर में दूध की क्वालिटी बहुत गिर गई है। ऐसा दूध पीने से जॉइंट्स में इंफलामेशन बढ़ाती है। जिससे पेन ज्यादा होता है। हां, A2 देसी गाय का घी दिन में एक दो चम्मच जरूर खा सकते हो।
आप इस सर्दी तिल गुड के लडडू और अलसी गुड के लडडू बनवा लो। इसके एक या दो लडडू रोज खाओ। तिल अलसी में कैलशियम के साथ-साथ ओमेगा थ्री फाटी एसिड्स होते हैं। जो जॉइंट्स में नेचुरल लुब्रिकएशन प्रोवाइड करते हैं और इंफ्लामेशन को कम करते हैं।
4.व्यायाम और योग (STRETCHING AND YOGA):
दोस्तों जब पाइप जाम होता है, तो उसकी गंदगी हमेशा जॅाइंट में जा कर रुकती है। उसी तरह से हमारी शरीर में पाचन ना हूआ खाना, विषैले पदार्थ जिसे आयुर्वेद में आमा कहते है। यह हमारे जॅाइंट में जाकर जम जाते है। जिससे जॅाइंट में जकड़न और असहजता होने लगता है। अब इन इकट्ठे टोक्सिनस को हटाने का सबसे असरदार तरीका है। उस शरीर के हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन बढाना। वह व्यायाम और योग से बहुत असरदार तरीके से होता है।(i)गर्दन घुमाना (NECK ROTATION):
अगर आपको गर्दन में दर्द रहता है। तो उस केस में आप गर्दन को घड़ी की दिशा में और घड़ी की दूसरी दिशा में घुमाएं। बहुत धीरे-धीरे घुमाना है। बिना झटके के। अक्सर लोग एक बार कर के छोड देते है। कम से कम पाच बार क्लोक वाइज और पाच बार एंटी क्लोक वाइज घुमाओ। आपको इतना फायदा होगा की आप खुद सबको सलाह दोगे की यह व्यायाम करो। यह एक ही व्यायाम काफी है गर्दन का दर्द कम करने के लिए।(ii)पैर और कलाई घुमाना(ANKLE AND WRIST ROTATIONS):
अगर आपके सोल्डर में दर्द है तो दोनों हाथों को बाजू में करके हाथ की कलाई घुमाएं। एक बार क्लोक वाइज और एक बार एंटी क्लोक वाइज। 20-20 बार करना है। अगर आपके पैर के घुटने में दर्द है तो दोनों पैर सामने रख के पैर (foot) को क्लोक वाइज और एंटी क्लोक वाइज घुमाएं। इसे भी 20-20 बार करे। उसे के साथ पैरो की उंगलियों को सामने करना, आगे करना यह 20-20 बार करे।(iii)पवन मुक्ता आसन(KNEE TO CHEST STRETCH):
पवन मुक्ता आसन कमर दर्द और कमर के निचले हिस्से के दर्द को कम करने के लिए बहुत फायदेमंद है। योगा मेट पर सिधे लेट जाए, सांस अंदर बहार करते हूए घुटनों को मोड के छाती के पास ले आए, हाथों से घुटनों को पकडे, अगर आपके गर्दन में दर्द नहीं है, तो सांस छोडते हूए, अपना सर उठाए और नाक से घुटनों को छूने की कोशिश करे। इस स्थिती में 20-30 सेकंड होल्ड करे और नॅारमल स्थिती में आए। पवन मुक्ता आसन आप 10-15 बार जरूर करे।(iv)भूजंगा आसन(COBRA POSE):
यह आसन रीड के हड्डी को मजबूत और लचिला बनता है। बॅाडी पोस्चर को ठीक करता है। पीठ के दर्द में राहत दिलाता है। यह करने के लिए आप पेट के बल लेट जाए, हथेलियों को कंधे के पास जमीन पर रखें, सांस लेते हूए छाती उपर करे, होल्ड पोजिसन को करे, कंधो को रिल्याक्स रखें, आसमान की तरफ देखे और 15-20 सेकंद तक नॅारमल सांस लेते हूए होल्ड करे। बस हो गया, यह आप शुरू वात से 15-20 बार जरूर करे।दोस्तों महानारायण तेल से मालिश करना शुरू कर दो, नेचूरल पेनकिलर में से एक लेने लग जाओ, क्या खाना है क्या नहीं इस पे ध्यान दो और व्यायाम-योग करो। एक महीना मेरा मान के कर के देखो फिर बताना कमेंट में। दोस्तों अगर यह पोस्ट आपके सहयोगी लगी हो, तो हमारे पेज स्वदेशी माहिती ब्लॅाग पेज को फोलो जरूर करे। शुक्रिया।
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