भूलकर भी न खरीदें ये 5 PRODUCTS - FOOD PRODUCTS THAT HAVE BEEN MISBRANDED
तो दोस्तों फुड कंपनीज आजकल किसी भी हद तक चले जाते हैं बस यह दिखाने के लिए कि जो प्रोडक्ट वह बेच रहे हैं वह हेल्थी है क्योंकि लोग भी प्रोडक्ट खरीदते हुए ज्यादा ध्यान नहीं देते इसीलिए तो इन कंपनीस की मार्केटिंग स्ट्रैटिजी (stratage) इतनी सक्सेसफुल है । दोस्तों कि आप यह जानते हैं कि कंपनी इसको यह पूरी आझादी होती है कि वह कुछ भी कह सकते है अपनी जाहिरात में या फिर प्रोडक्ट के फ्रंट लेबल पर मगर एक जागरूक ग्राहक होते हुए यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम किसी भी फूड प्रोडक्ट को खरीदने से पहले उसके न्यूट्रिशनल इन्फॉर्मेशन और इंग्रीडिएंट्स को चेक करें ।
आपका काम आसान करने के लिए मैं अपनी पास की सुपर मार्केट में गया और मैंने वहां पांच ऐसे फूड प्रोडक्ट्स उठाए जो की होते तो सेहत के लिए खराब उत्पाद (अन हल्दी) हैं मगर मार्केटिंग ऐसी की जाती है कि हेल्थी लगे दुख की बात तो यह है कि यह फूड प्रोडक्ट बहुत ही कॉमनली हमारे घरों में यूज हो रहे हैं आइए एक-एक करके इनको चेक करते हैं और पता लगाते हैं कि क्यों यह इतने अनहैल्दी हैं मुझे विश्वास है कि इस पोस्ट को पूरा पढने के बाद आपको आईडिया मिल जाएगा कि किस तरह से हेल्दी फूड प्रोडक्ट्स को खरेदी कर शकते है ।
हेलो फ्रेंड्स सुश्वागतम स्वदेशी महिती मे।
5) न्यूटेल्ला (NUTTELA)
न्यूटेल्ला बहुत से लोगों का फेवरेट पसंदीदा फूड बन चुका है ब्रेकफास्ट लव न्यूटेल्ला यह न्यूटेल्ला बनाने वाली कंपनी का कहना है और शायद सही भी हो क्योंकि आजकल ज़्यादा से ज़्यादा लोग इसको हेल्दी ब्रेकफास्ट समझकर खाते हैं वह इसे ब्रेड पर लगाते हैं दूध में मिक्स करके पीते हैं इसकी जाहिरात कहती है कि न्यूटेल्ला बना है हेज़लनट्स की अच्छाई, कोको के हल्के से स्वाद के साथ । इसके फ्रंट लेबल पर भी लिखा है मिल्क और कोको से तो नट्स दूध और पाउडर के हिसाब से तो न्यूटेल्ला हेल्थी होना चाहिए ना चलिए चेक करते हैं इसके इंग्रीडिएंट्स और न्यूट्रिशनल इन्फॉर्मेशन और पता लगाते हैं लेबल के हिसाब से न्यूटेल्ला की एक सर्विंग देगी 80 कैलरीज़ पॉइंट ग्राम प्रोटीन आर्ट पॉइंट 6 ग्राम कार्बोहाइड्रेट 4.7 ग्राम ऑफ फ्याट । अब दोस्तों यहां इस बहुत इंटरेस्टिंग चीज सामने आती है आठवां 6 ग्राम कार्बोहाइड्रेट में से आर्ट पॉइंट 5 ग्राम आ रहे हैं सिर्फ शुगर तो इसका मतलब दो चम्मच चीनी सिर्फ एक सर्विंग में वह यह कुछ ज्यादा नहीं हो गया और जब आप इसके इंग्रीडिएंट्स देखेंगे तो आपको और क्लियर हो जाएगा क्योंकि पहला इंग्रीडिएंट जो लिखा है वह है सुगर । उसके बाद एडिबल वेजिटेबल ऑयल जो कि कोई हेल्थी चीज नहीं होती मगर हेज़लनट कहां है सिर्फ तेरह परसेंटेज और थोड़ा सा कोको और मिल्क पाउडर तो बेसिकली न्यूटेल्ला इस शुगर एंड ऑयल विथ हेझलनट अंँड कोको । दोस्तों आपको पता है कि कुछ साल पहले न्यूटेल्ला बनाने वाली कंपनी पर गलत एडवर्टिसमेंट करने का केस हो गया था कंपनी को तीन मिलियन डॉलर फाइन देना पड़ा था यह छोटा सा 160 ग्राम न्यूट्रेला आपको पड़ेगा 215 ₹ का और पैसे आप किस बात के दे रहे हैं चीनी खरीदने के अब आप ही सोच लो वैसे अगर आपको न्यूटेल्ला पसंद है और आप इसको खरीद कर उपयोग करना चाहते हैं ।तो यह आपकी पसंद है मगर ऐसा सोचना कि न्यूटेल्ला कोई हेल्थी चीज है तो यह आप अपने साथ धोखा कर रहे हैं । अगर आप सच में कोई हेल्थी चुनना चाहते हैं तो न्यूटेल्ला की जगह मै पीनट बटर और नेचुरल अलमोड बटर उपयोग कर सकते हैं ।
4) बॉर्नविटा (BOURNVITA)
आजकल ना जाने कितने ही हेल्थ टॉनिक मार्केट में आ गए हैं और होरलीक्स, बूस्ट, मालटोवा,बोर्नविटा यह तो बहुत ही पोपुलर है बचपन में हम सभी ने इन्हें पिया है । खासकर शहरों में हर एक माँ अपने बच्चे को यह पिलाती है क्योंकि उसे लगता है कि इससे मिलती है तन की शक्ति और मन की शक्ति जैसा कि इसके लेबल पर लिखा है क्या सच में आइए देखते हैं बॉर्नविटा की एक सर्विंग मतलब दो छोटे चम्मच आपको देंगे 17 ग्राम कार्बोहाइड्रेट्स सिर्फ 1.4 ग्राम प्रोटीन और यह 17 ग्राम कार्बोहाइड्रेट में से 14.6 ग्राम शुगर से ही आ रहा है मतलब तीन चम्मच चीनी और शायद इसके ऊपर आप एक और चम्मच चीनी दूध में डालते होंगे फिर तो बस आप अपने बच्चे को हेल्थ टॉनिक के नाम पर चीनी ही पिला रहे हैं । हद्द तो तब हो गई जब इस कंपनी ने यह लिख दिया कि अगर आपको हेल्दी रहना है अपनी डाइट को बैलेंस रखना है तो रोज बॉर्नविटा के चार चम्मच खाओ जब आप इसके इंग्रीडिएंट्स देखेंगे तो आपको पता चल जाएगा कि यह एक माल्ट बेस फूड है । इसके अलावा इसमें अलग-अलग तरह की चीनी डाली हुई है और हाँ अगर आप सोच रहे थे कि बॉर्नविटा पीने से विटामिंस मिलते हैं तो यह भी सच नहीं है बॉर्नविटा में विटामिंस की मात्रा पांच गुना कम है बस नाम के ही डाले हैं और इस तरह से अलग से डाले गए विटामिंस को बॉडी के लिए पचाना आसान इतना नहीं होता । दोस्तों इस सारे हेल्थ टॉनिक एक ही जैसे होते हैं उपयोग मै न आने वाले होते हैं और ऊपर से महंगे भी होते हैं इसलिए मैं तो यही सलाह देना चाहुंग कि आप इन पर अपने पैसे बर्बाद ना करें अगर आपको हेल्थ टॉनिक पीना है तो आसनी से घर पर बना सकते हैं । ड्राय फ्रूट्स और चना सत्तू दोनो को मिलाके ।
3) शुगर फ्री (SUGAR FREE)
शुगर फ्री इंडिया में सबसे ज्यादा यूज होने वाला लो कैलोरी स्वीटनर है शुगर के मरीज और पतले होने के लिए लोग आजकल शुगर फ्री का ही इस्तेमाल करने लगे हैं वह इसलिए क्योंकि यह चीनी की तरह मीठा है और जीरो कैलोरी है । शुगर फ्री ये शरीर के लिये हेल्दी अल्टरनेटिव हमारे शरिर के लिए अच्छा है ऐसा कंपनी का कहना है आइए चेक कर ले अब आप देख सकते हैं कि पहला इंग्रीडिएंट जो लिखा हुआ है वह लेक्टोस। लेक्टोस दूध में पाई जाने वाली शुगर का नाम है इसलिए अगर आपको दूध नहीं पचता तो यह प्रोडक्ट आपके लिए नहीं है । दूसरे इंग्रीडिएंट की बात करते हैं जो कि है एस्पार्टेम दोस्तों एस्पार्टेम एक आर्टिफिशल स्वीटनर है जिसके काफी साइड इफेक्ट देखे गए हैं जैसे कि वजन बढना, ब्लड प्रेशर का बढ़ना, हार्ट की प्रॉब्लम आदी. और यही नहीं कंपनी ने खुद सूचना दी है कि इसमें एस्पार्टेम है बच्चों के लिए ठीक नहीं है इससे साफ पता चलता है कि यह प्रोडक्ट कितना खतरनाक हो सकता है इसके अलावा भी इसमें बहुत से केमिकल्स डाले हुए हैं जो कि बहुत नुकसान पोहचा सकते हैं । दोस्तों अगर आप इस प्रोडक्ट को वापर कर रहे हैं तो मेरा सुझाव होगा कि आप इसे फौरन बंद करदे । इससे तो बहुत ज्यादा बेहतर चीनी ही है कम से कम उसके कोई ऐसे साइड इफैक्ट तो नहीं होते । वैसे अगर आप सच में तंदरूस्त रहना चाहते हैं तो सबसे पहले तो इस प्रोडक्ट से दूर रहे दूसरा चीनी को कम करें उसकी जगह नैचुरल स्वीटनर जैसे कि गुड़ शक्कर का इस्तेमाल करें ।
2) मॅगी (MAGGI OATS NOODLES)
अब मॅगी भी हेल्दी फूड इंडस्ट्री में वाह ! बेहद पॉपुलर और कंट्रोवर्शियल मॅगी मसाला नूडल्स, मॅगी आटा नूडल्स, ओट्स नूडल्स मॅगी भी अब आपके हेल्दी लाइफस्टाइल का पाठ बनने की कोशिश में है । मॅगी अपने ओट्स नूडल्सको हेल्दी ब्रेकफास्ट ऑप्शन कहकर प्रमोट कर रहे हैं मगर कंपनी ने क्या कहा उस पर मत जाइए देखते हैं इंग्रीडिएंट्स क्या कहते हैं तो अगर आप इंग्रीडिएंट्स देख लें तो इसमें सिर्फ 39 प्रतिशत दर ओट्स फलेवर है बाकी सब मैदा है । यह बात कुछ अजीब नहीं लगती कि पचास प्रतिशत से भी ज्यादा मैदा हो और इसको ओट्स मॅगी कह कर बेचा जा रहा हो मॅगी के अलावा भी इसमें इतना कुछ भर रखा है आप देख सकते हैं जैसे कि थिकनरस, एसिडिटी रेगुलेटर्स, हूमिकटँट्स यह सब केमिकल्स है जो कि मॅगी की सेल्फ लाईफ को बढ़ाते हैं वैसे ओट्स महंगी न्यूट्रिशनल इन्फॉर्मेशन की बात करें तो वह भी कुछ खास नहीं है । नेस्टले ने 15 प्रतिशत फाइबर को जमकर प्रमोट किया है वैसे 75 ग्राम वोट मॅगी से मिल रहे हैं । आपको 372 कैलोरीस और 55 कार्बोहाइड्रेट्स जो कि बहुत ही ज्यादा है महिलाएं जिनकी दिन की कैलोरीस 1200 से 1500 से होती है उनके लिए छोटा सा नाश्ता ही 1/3 कैलोरीस ले लेगा और यह तो ठीक इसके अलावा यह 75 ग्राम ही ओट्स मॅगी आपको देगी 916.9 मिलीग्राम सोडियम जो कि आपकी डेली इनटेक्स से आधा है । वैसे इतना सोडियम आ कहां से रहा है,टेस्टी बनाने से और यही सोडियम आपकी बॉडी में पानी को रोक कर रखता है जिसके चलते यह वेट गैन का कारण बन जाता है अच्छा एक बार के लिए ओट्स मॅगी को ओरिजिनल मैगी मसाला से तुलना करते हैं । पहली चीज जो सामने आती है वह यह कि ओट्स मॅगी में ओरिजिनलमॅगी के मुकाबले कैलोरीस बहुत ज्यादा है दूसरा कार्बोहाइड्रेट ओट्स में भी ज्यादा है और हमने देखा है कि ओट्स मॅगी के इंग्रीडीएंट्स कोई खास स्वस्थ तो नहीं है इसलिए अगर आप उसमे घी को हेल्थी समझकर खा रहे थे तो अब आपको पता है । वैसे यह आपकी चीट मिल्क हो सकती है वैसे मैं कहता हूं कि अगर चीट मिल्क के तौर पर ही खाना है तो ओरिजिनल मॅगी ही खा लो कम से कम टेस्ट मे तो कंप्रोमाइज नहीं करना पड़ेगा और वह सस्ती भी है ।
1) न्यूट्रलाइट (NUTRALITE)
हम भारतीय बटर के बहुत शौकीन है। पराठे,टोस्ट हो या फिर कोई और डिस बटर तो लग ही जाता है मगर आजकल काफी लोग बटर को टालने लगे हैं और न्यूट्रलाइट को इस्तेमाल करने लगे हैं न्यूट्रलाइट साधारण एक फेट स्प्रेड है जिसको बटर का हेल्दी अल्टरनेटिव कहकर प्रमोट किया जा रहा है अगर हम अमूल बटर और न्यूट्रीलाइट के न्यूट्रिशनल इन्फॉर्मेशन को तूलना करें तो डेफिनेटली निश्चित रूप से न्यूट्रलाइट अच्छा लग रहा है क्योंकि इसमें सॅचुरेटेड फैट और कोलेस्ट्रोल कम है मगर जब हम दोनों के सामग्री को चेक करते हैं तो बात बिल्कुल ही पलट जाती है जहां अमूल बटर बना है सिर्फ दूध और नमक से वहीं न्यूट्रीलाइट बना है रिफाइंड तेलों से जो कि बहुत अनहैल्दी सोर्स है फैट का । इसके अलावा भी न्यूट्रलाइट में बहुत कुछ डाला गया है जैसे कि इमूलसीफायर,एसिडिटी रेगुलेटर्स स्टार्च सीक्वेंसटेरिंग ऐजेंट्स, कलर्स एंड फ्लेवर्स । क्या आप अंदाजा लगा सकते हैं कि क्यों न्यूट्रीलाइट में इतने केमिकल्स डालने की जरूरत पड़ी वह इसलिए क्योंकि रिफाइंड ऑयल रूम टेंप्रेचर पर लिक्विड होते हैं आपने देखा ही होगा इसलिए सॉलिड बनाने के लिए बहुत केमिकल प्रोसेसिंग की जाती है यहां तक कि हाइड्रोजेनेशन भी । न्यूट्रलाइट बेसिकली रिफाइंड ऑयल ही है सॉलि़ड फॉर्म में जहाँ बटर अगर तरीके से खाया जाए तो हेल्दी होता है मगर न्यूट्रलाइ़ट तो एक हायली प्रोसैस्ड फूड है जिसका कोई भी फायदा नहीं है न्यूट्रीलाइट में कुछ विटामिंस डाले गए हैं मगर वह भी एक मार्केटिंग स्ट्रेटजी है न्यूट्रीलाइट आपको थोड़ा चीफ मिल जाएगा क्योंकि यह बनता ही चीफ सामग्री से है अगर आप मुझसे पूछें तो मैं किसी भी दिन बटर को ही जूस करूंगा न्यूट्रलाइट को नहीं ।
तो यह थे वह पांच प्रोडक्ट तो मेरे हिसाब से है तो अनहैल्दी पर दिखाए जाते हैं हेल्दी दोस्तों मेरा इस पोस्ट को बनाने का मकसद बस इतना ही था कि आपको पता चले कि जरूरी नहीं कि जो भी यह फूड प्रॉडक्ट बनाने वाली कंपनी अपनी जाहिरात में या फिर प्रोडक्ट्स के फ्रंट लेबल पर लिखती हैं वह सच हो । मेरी माने तो जब भी आपको यह फूड प्रोडक्ट अपने लिए या अपनी परिवार के लिए खरीदें तो सबसे पहले उस इंटरनेशनल इन्फॉर्मेशन और सामग्री (इंग्रीडिएंट्स) को चेक कर ले । मेरे हिसाब से बस आपको पता होना चाहिए कि जो भी आप खा रहे हैं वह आप के लिए सही है या नहीं ।
तो दोस्तों इस ब्लोग पोस्ट में इतना ही अगर आपको यह पोस्ट कुछ काम की लगी हो तो कृपया SUPPORT और COMMENT जरूर करे धन्यवाद !







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